UP Divyang Pension 2026//दिव्यांग पेंशन की किस्त कब तक आएगी 2026 लंबित भुगतान की पूरी जानकारी

Rahul SEO

नमस्कार दोस्तों दिव्यांगजनों के लिए चल रही पेंशन योजनाओं में साल 2026 के दौरान भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। इस बदलाव के कारण कई लाभार्थियों की किस्तें अटक गई हैं, खासकर उन लोगों की जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपकी रुकी हुई पेंशन कब तक आएगी और इसे कैसे सही करवाया जाए, तो यह लेख आपके लिए है।

UP Divyang Pension पेंशन अटकने की असली वजह

इस साल दिव्यांग पेंशन के भुगतान में देरी की सबसे बड़ी वजह नई SNA स्पर्श प्रणाली (समयोचित प्रणाली एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण) है। भारत सरकार के निर्देशानुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत भुगतान अब इस नई प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे हैं।इस नई व्यवस्था को लागू करने में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और साइबर ट्रेजरी के सहयोग से काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया को पूरी तरह लागू होने में करीब 15 दिन से एक महीने का समय लग सकता है ।

किन लाभार्थियों की पेंशन अटकी है

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों के मुताबिक, अटकी हुई पेंशन मुख्य रूप से उन लाभार्थियों की है जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक है। इन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपये की पेंशन मिलती है ।इसके विपरीत, 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल, मई, जून) की किस्त के रूप में 3,000 रुपये जुलाई में ही मिल चुके हैं ।

पेंशन कब तक मिलने की उम्मीद है

कई जिलों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लंबित पेंशन सितंबर 2026 के अंत या अक्टूबर 2026 की शुरुआत में जारी होने की पूरी संभावना है ।इसका मतलब है कि जिन लाभार्थियों की पेंशन अटकी हुई है, उन्हें अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीनों की कुल 6,000 रुपये की पेंशन एक साथ मिल सकती है ।

पेंशन की राशि कितनी है

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में केंद्र सरकार की ओर से 18 से 79 वर्ष के लाभार्थियों को 300 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं और 80 वर्ष से ऊपर के लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं ।लेकिन राज्य सरकारें इस राशि में टॉप-अप भी जोड़ती हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में दिव्यांग पेंशन की कुल राशि 1,000 रुपये प्रतिमाह है । कुछ राज्यों में यह राशि इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि राज्यों द्वारा दी जाने वाली टॉप-अप राशि 50 रुपये से लेकर 5,700 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है ।

रुकी हुई पेंशन सही करवाने के उपाय

अगर आपकी पेंशन लंबे समय से नहीं आ रही है, तो सिर्फ इंतजार करने के बजाय कुछ ठोस कदम उठाएं।

सबसे पहले जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय से संपर्क करें। वहां से पता करें कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं और भुगतान किस स्थिति में है।

यदि आधिकारिक जानकारी नहीं मिल रही है तो RTI (सूचना का अधिकार) का सहारा लें। आप जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी को RTI भेजकर यह पूछ सकते हैं कि आपकी पेंशन किन-किन महीनों की दी गई है, किस बैंक खाते में भेजी गई है, और यदि रुकी है तो क्या कारण है ।

यदि सामान्य शिकायत से काम नहीं बनता तो उच्च अधिकारी से संपर्क करें। जिला समाज कल्याण अधिकारी से लेकर निदेशालय तक शिकायत भेजी जा सकती है।

अंतिम उपाय के रूप में हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की जा सकती है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 80 के तहत राज्य आयुक्त (दिव्यांगजन) से भी शिकायत की जा सकती है। हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत अधिकारियों को निर्देश दे सकता है कि वे तय समय में आपके आवेदन पर निर्णय लें ।

ध्यान रखने वाली बातें

पेंशन से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक है और आधार सीडिंग पूरी हो चुकी है। कई बार सिर्फ इसी कारण पेंशन की राशि खाते तक नहीं पहुंच पाती।

साथ ही, समय-समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा करना भी जरूरी होता है। अगर यह नहीं किया जाता तो पेंशन रुक सकती है।

निष्कर्ष

साल 2026 में दिव्यांग पेंशन की जो किस्तें अटकी हुई हैं, वे सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद है। यह देरी नई SNA स्पर्श भुगतान प्रणाली लागू होने के कारण हुई है, जो अब पूरी होने की अंतिम प्रक्रिया में है। अगर आपकी पेंशन भी रुकी हुई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। संबंधित विभाग से संपर्क करें, जरूरत पड़ने पर RTI या उच्च अधिकारियों से शिकायत करें। आपकी पेंशन आपका अधिकार है, और इसे पाने के लिए सही तरीके से पैरवी करना जरूरी है।

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